Saturday, 24 March 2018

Are you in problem due to high cost of medicine -Use effective generic medicine ..wnow more about it

Aryabhatt Science
जेनेरिक दवाइयां क्या है??

➡सामान्य दवा या जेनेरिक दवा (generic drug) वह दवा है जो बिना किसी पेटेंट के बनायी और वितरित की जाती है। जेनेरिक दवा के फॉर्मुलेशन पर पेटेंट हो सकता है किन्तु उसके सक्रिय घटक (active ingradient) पर पेटेंट नहीं होता। जैनरिक दवाईयां गुणवत्ता में किसी भी प्रकार के ब्राण्डेड दवाईयों से कम नहीं होतीं तथा ये उतनी ही असरकारक है, जितनी की ब्राण्डेड दवाईयाँ। यहाँ तक कि उनकी मात्रा (डोज), साइड-इफेक्ट, सक्रिय तत्व आदि सभी ब्रांडेड दवाओं के जैसे ही होते हैं। जैनरिक दवाईयों को बाजार में उतारने का लाईसेंस मिलने से पहले गुणवत्ता मानकों की सभी सख्त प्रक्रियाओं से गुजरना होता है।



➡किसी रोग विशेष की चिकित्सा के लिए तमाम शोधों के बाद एक रासायनिक तत्‍व/यौगिक विशेष दवा के रूप में देने की संस्तुति की जाती है। इस तत्‍व को अलग-अलग कम्पनियाँ अलग-अलग नामों बेचतीं है। जैनरिक दवाईयों का नाम उस औषधि में उपस्थित सक्रिय घटक के नाम के आधार पर एक विशेषज्ञ समिति द्वारा निर्धारित किया जाता है। किसी दवा का जेनेरिक नाम पूरे विश्व में एक ही होता है।

➡उदाहरण के लिए, उच्छ्रायी दुष्क्रिया (शिश्न को खड़ा न कर पाना / erectile dysfunction) की चिकित्सा के लिए सिल्डेन्फिल (sildenafil) नाम की जेनेरिक दवा है। यही दवा फिजर (Pfizer) नामक कम्पनी वियाग्रा (Viagra) नाम से बेचती है।

➡किसी भी बीमारी के लिए डॉक्टर जो दवा लिखता है, ठीक उसी दवा के सॉल्ट वाली जेनेरिक दवाएं उससे काफी कम कीमत पर आपको मिल सकती हैं। कीमत का यह अंतर पांच से दस गुना तक हो सकता है। बात सिर्फ आपके जागरूक होने की है। बहुत कम लोगों को मालूम होगा कि देश में लगभग सभी नामी दवा कम्पनियां ब्रांडेड के साथ-साथ कम कीमत वाली जेनेरिक दवाएं भी बनाती हैं लेकिन ज्यादा लाभ के चक्कर में डॉक्टर और कंपनियां लोगों को इस बारे में कुछ बताते नहीं हैं और जानकारी के अभाव में गरीब भी केमिस्ट से महंगी दवाएं खरीदने को विवश हैं।

➡गौरतलब है कि किसी एक बीमारी के लिए तमाम शोधों के बाद एक रासायनिक यौगिक को विशेष दवा के रूप में देने की संस्तुति की जाती है। इस यौगिक को अलग-अलग कम्पनियां अलग-अलग नामों से बेचती हैं। जेनेरिक दवाइयों का नाम उसमें उपस्थित सक्रिय यौगिक के नाम के आधार पर एक विशेषज्ञ समिति निर्धारित करती है। किसी भी दवा का जेनेरिक नाम पूरे विश्व में एक ही होता है।

जेनेरिक दवाओं की फायदे

जैनरिक दवाईयां ब्राण्डेड दवाईयों की तुलना में औसतन पाँच गुना सस्ती होती है। जैनरिक दवाईयों की उपलब्धता आम व्यक्ति को स्वास्थ्य सुरक्षा प्रदान करने में बहुत बड़ा योगदान प्रदान कर सकती है तथा इससे ब्राण्डेड कम्पनियों का दवा उद्योग में एकाधिकार को चुनौती मिलेगी। विश्व स्वास्थ्य संगठन के अनुसार जैनरिक दवाईयों के लिखे जाने पर केवल धनी देशों में चिकित्सा व्यय पर 70 प्रतिशत तक कमी आ जायेगी तथा गरीब देशों के चिकित्सा व्यय में यह कमी और भी ज्यादा होगी।


➡जेनेरिक दवाएं उत्पादक से सीधे रिटेलर तक पहुंचती हैं। इन दवाओं के प्रचार-प्रसार पर कंपनियों को कुछ खर्च नहीं करना पड़ता। एक ही कंपनी की पेटेंट और जेनेरिक दवाओं के मूल्य में काफी अंतर होता है। चूंकि जेनेरिक दवाओं के मूल्य निर्धारण पर सरकारी अंकुश होता है, अत: वे सस्ती होती हैं, जबकि पेटेंट दवाओं की कीमत कंपनियां खुद तय करती हैं, इसलिए वे महंगी होती हैं।


➡उदाहरण के लिए यदि चिकित्सक ने रक्त कैंसर के किसी रोगी के लिए ‘ग्लाईकेव‘ ब्राण्ड की दवा लिखी है तो महीने भर के कोर्स की कीमत 1,14,400 रूपये होगी, जबकि उसी दवा के दूसरे ब्राण्ड ‘वीनेट‘ की महीने भर के कोर्स की कीमत अपेक्षाकृत काफी कम 11,400 रूपये होगी। सिप्ला इस दवा के समकक्ष जैनरिक दवा ‘इमीटिब‘ 8,000 रूपये में और ग्लेनमार्क केवल 5,720जेनेरिक दवाओं का उपयोग करने के क्या फायदे हैं


➡सबसे बड़ा फायदा कीमत है ब्रांड-नाम वाली दवाओं की लागत से 90 प्रतिशत बचा सकते हैं जेनरिक ब्रांड-नाम वाली दवाओं से औसत 40 से 60 प्रतिशत कम है।


➡ यह एक निश्चित आय पर पुराने वयस्कों जो कई दवाएं लेता है के लिए एक वास्तविक लाभ है अपने चिकित्सक या फार्मासिस्ट से पूछें कि यदि आपके जेनेरिक दवाओं का उपयोग संभव है। 


➡जब भी संभव हो, जेनेरिक दवाओं का उपयोग करके, आप अपनी दवाओं के दाम कम कर सकते हैं। आपको एक ही ताकत, खुराक और गुणवत्ता भी मिल जाता है।
सबसे बड़ा फायदा कीमत है ब्रांड-नाम वाली दवाओं की लागत से 90 प्रतिशत बचा सकते हैं जेनरिक ब्रांड-नाम वाली दवाओं से औसत 40 से 60 प्रतिशत कम है।

➡ यह एक निश्चित आय पर पुराने वयस्कों जो कई दवाएं लेता है के लिए एक वास्तविक लाभ है अपने चिकित्सक या फार्मासिस्ट से पूछें कि यदि आपके जेनेरिक दवाओं का उपयोग संभव है।

➡जब भी संभव हो, जेनेरिक दवाओं का उपयोग करके, आप अपनी दवाओं के दाम कम कर सकते हैं। आपको एक ही ताकत, खुराक और गुणवत्ता भी मिलेगी।

प्रमुख जेनेरिक दवाएं
सीटीजेड,
पाईरेस्टेट-100,
मेरिसुलाइड,
ओमेसेक-20,
ओमिप्राजोल,
लिगनोकेन,
बूपीवेक्सीन,
एसीटिल सालिसाइकिल एसिड डिक्लोफेनेक,
इबूप्रोफेन,
परासीटामोल,
क्लोरोक्वीन,
एमलोडिपिन,
एटीनोलेल,
लोजारटन,
मेटफोरमिन,
प्रोगेस्टीरोन


Megamentin 625 is Generic Medicine of Antibiotic Amoxicillin 500mg + Potassium Caluvnate 125mg

जेनेरिक दवाएं एवम ब्रांड दवाओं में क्या अंतर है??

दवाओं के सामान्य नाम और ब्रांड नाम हैं उदाहरण के                           लिए,प्रिलोसेक। का सामान्य नाम ओपेराज़ोल है।

➡ प्रिलोसेक ने दवा बेचने के लिए विशेष अधिकारों का स्वामित्व किया क्योंकि उन्होंने इसे बनाया और पेटेंट किया था एक बार उनकी पेटेंट समाप्त हो जाने के बाद, अन्य निर्माता प्रिलोसेक बना और बेच सकते हैं उन्हें सिर्फ सामान्य नाम ओपेराज़ोल से करना पड़ता है।

➡ इसके अलावा, यह उत्पाद रंग, आकृति, या चिह्नों में थोड़ा भिन्न हो सकता है सबसे बड़ा अंतर लागत है जेनेरिक दवाएं आम तौर पर कम खर्चीली होती हैं


जेनेरिक दवाओं का निर्माण कौन करता है??

➡जेनेरिक दवाएं अक्सर उन कंपनियों द्वारा निर्मित होती हैं जो ब्रांड नाम वाली दवाएं भी बनाती हैं। 

➡एफडीए सभी दवा निर्माताओं और यू.एस. में बिकने वाली सभी दवाओं का विनियमन और निरीक्षण करता है।

➡ वे उन्हें सुधार करने के लिए फिर से भेज देंगे। वे एक ही मानक के लिए जेनेरिक दवाओं की जांच करते हैं।

प्रधानमंत्री जन औषधि परियोजना क्या है??
➡‪प्रधानमंत्री जन औषधि योजना भारत के प्रधानमंत्री ‪नरेन्द्र मोदी‬ द्वारा ‬ 1 जुलाई 2015 को घोषित एक योजना है। इस योजना में सरकार द्वारा उच्च गुणमवत्ता वाली जैनरिक (Generic) दवाईयों के दाम बाजार मूल्य से कम किए जा रहें है। सरकार द्वारा 'जन औषधि स्टोर' बनाए गए हैं, जहां जेनरिक दवाईयां उपलब्ध करवाई जा रही है।

➡जेनरिक दवाईयां ब्रांडेड या फार्मा की दवाईयों के मुकाबले सस्ती होती है, जबकि प्रभावशाली उनके बराबर ही होती है। प्रधानमंत्री जन औषधि अभियान मूलत: जनता को जागरूक करने के लिए शुरू किया गया हैं ताकि जनता समझ सके कि ब्रांडेड मेडिसिन की तुलना में जेनेरिक मेडिसिन कम मूल्य पर उपलब्ध हैं साथ ही इसकी क्वालिटी में किसी तरह की कमी नहीं हैं। साथ ही यह जेनेरिक दवायें मार्केट में मौजूद हैं जिन्हें आसानी से प्राप्त किया जा सकता हैं।

➡इस योजना में आम नागरिकों को बाजार से 60 से 70 फीसदी कम कीमत पर दवाइयां मुहैया कराने के उद्देश्य से केंद्र सरकार जल्द ही देशभर में 1000 से ज्यादा जन औषधि केंद्र खोलेगी।








Friday, 16 March 2018

105 Indian Science Congress 2018 by PM Modi

Aryabhatt Science

           105वीं  भारतीय विज्ञानकांग्रेस का उद्घाटन करेंगे प्रधानमंत्री मोदी

                        

भारतीय विज्ञान कांग्रेस दुनिया भर के विज्ञान से जुड़े वैज्ञानिकों और विज्ञान संचारकों  का समारोह है।इस बार मणिपुर विश्वविद्यालय इसका आयोजन कर रहा है। विज्ञान कांग्रेस 16 मार्च से 20 मार्च तक होगा।भारतीय विज्ञान कांग्रेस की  थीम इस बार 'Reaching the Unreached Through Science & Technology' है।



क्या है कार्यक्रम?

विज्ञान कांग्रेस के पहले दिन प्रधानमंत्री मोदी भारतीय  विज्ञान कांग्रेस का उद्घाटन करेंगे। दूसरे दिन, 17 मार्च को राष्ट्रीय बाल विज्ञान कांग्रेस शुरू होगी।महिला विज्ञान कांग्रेस का उद्घाटन 18 मार्च को होगा।19 मार्च को विज्ञान माडल प्रतियोगिता होगी और 20 मार्च को विज्ञान कांग्रेस का समापन होगा।

भारतीय विज्ञान कांग्रेस 2018 मे भौतिकी,रसायन, अर्थशास्त्र के क्षेत्र के नोबेल पुरस्कार विजेता ,विज्ञान और इंजीनियरिंग संस्थान,सभी बड़े रिसर्च सेंटर,भारत और विभिन्न देशों के साझा विज्ञान कार्यक्रम,इसके साथ ही   विभिन्न मुद्दों पर विशेष सत्र आयोजित किए जाएंगे, जिनमें विज्ञान इनोवेशन, जल, स्वच्छता, जलवायु परिवर्तन, सभी के लिए भोजन, अंतरिक्ष प्रौद्योगिकी, वनों से संबंधित प्रौद्योगिकी, डिजिटल संचार और अंतरिक्ष विज्ञान शामिल हैं।


भारतीय विज्ञान कांग्रेस के पहले अध्यक्ष थे आशुतोष मुखर्जी।आशुतोष मुखर्जी ने जनवरी 1914 में अपने अध्यक्षीय भाषण में भाविकांसं जैसी संस्था बनाने के उद्देश्य के बारे में जिक्र किया था। उनके अध्यक्षीय भाषण का शीर्षक ही था‘भारतीय कांग्रेस के बारे में’। उन्होंने कहा था विकास को वैज्ञानिक जांच-परख की दिशा में मज़बूत कदम बढ़ाने, देश के विभिन्न भागों में विज्ञान में रुचि रखने वाले समाजों और व्यक्तियों में साहचर्य को प्रोत्साहित करने, विशुद्ध और अनुप्रयुक्त विज्ञान के उद्देश्यों के प्रति और अधिक आम झुकाव तथा आम जन की प्रगति की बाधाओं को दूर करने के लिए’ बनाया गया था।
105 साल के इतिहास में ऐसा पहली बार हुआ है की भारतीय विज्ञान कांग्रेस को अनिश्चितकाल के लिए स्थगित कर दिया गया है। ओस्मानिया यूनिवर्सिटी के अधिकारियों ने कैंपस में सुरक्षा कारणों से इसकी देख-रेख करने में असमर्थता दिखाई गई है। भारतीय विज्ञान कांग्रेस का आयोजन तीन जनवरी, 2018 से सात जनवरी, 2018 के बीच होना था।








Thursday, 15 March 2018

14 march a mystery day for Science

Aryabhatt Science
14 मार्च एक रहस्मयी विज्ञान का दिन 

14th march is world Pi day (celebrated in US)
The relevance of 3.14 (Pi) day:
Birth of Albert Einstein (3.14.1879)
Death of Karl Marx (3.14.1883)
Death of Stephen Hawking (3.14.2018)

Relativity | Revolution | Radiation

एक और जहां विज्ञान के क्षेत्र में आज हम विश्व प्रसिद्ध वैज्ञानिक अल्बर्ट आइंस्टीन के जन्मतिथि पर पुण्य स्मरण कर रहे हैं lवही महान वैज्ञानिक स्टीफन हॉकिंग अब हमारे मध्य नहीं रहेl विज्ञान और समाज समूह उनको पुण्य स्मरण कर श्रद्धांजलि अर्पित करता है ऐसे दोनों महान वैज्ञानिकों को शत शत नमन।


लेकिन इनके साथ एक और संयोग जुड़ा हुआ है।
14 मार्च को ऐसा अजब संयोग बना जो साइंस की दुनिया के लिए काफी हैरान करने वाला है। आज के दिन दुनिया के दो सबसे मशहूर साइंटिस्ट में से एक का जन्म हुआ और दूसरे की मौत। 14 मार्च 1879 को मशहूर साइंटिस्ट अल्बर्ट आइन्सटाइन का जन्म हुआ था। आइन्सटाइन की लोकप्रियता का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता था कि आज भी बच्चों से लेकर बूढ़े हों या साइंस में इंटरेस्ट न रखने वाले भी इस नाम को बखूबी जानते हैं। वहीं दूसरी ओर आइन्सटाइन के बाद मॉर्डन दुनिया के जाने-माने साइंटिस्ट स्टीफन हॉकिंग का आज ही के दिन निधन हो गया। इसमें एक तीसरे महान साइंटिस्ट का भी ऐसा संयोग जुड़ा है जिसने साइंटिस्ट्स को भी हैरान कर दिया है। ये है अजब संयोग...

आपको जानकर हैरानी होगी कि जिस दिन स्टीफन हॉकिंग्स का जन्म हुआ ठीक उसी तारीख को महान साइंटिस्ट गैलीलियो की भी मौत हुई थी। गैलीलिया की मौत 8 जनवरी 1642 को हुई थी। जबकि स्टीफन हॉकिंग्स का जन्म ठीक 300 सालों बाद 8 जनवरी 1942 को हुआ। 


अगर इन तीनों कड़ियों को जोड़े तो हम पाएंगे के स्टीफन हॉकिंग का जन्म और उनकी मृत्यु की तारीख दुनिया के दो और महान साइंटिस्ट्स से जुड़ी हुई है। 14 मार्च यानी आज के दिन स्टीफन का निधन हुआ, जोकि अल्बर्ट आइन्सटाइन की जन्म तारीख है। वहीं 8 जनवरी को स्टीफन पैदा हुए जो कि महान गैलीलियो के निधन की तारीख है।

76 का संयोग
 हैरानी की बात ये भी है आइन्सटाइन की मौत भी 76 साल की उम्र में हुई और अब स्टीफन का निधन भी 76 साल की उम्र में हो गया। यही नहीं गैलीलियो का निधन 77 साल की उम्र में हुआ था
2 1 साल की उम्र में स्टीफन को लाइलाज बीमारी हो गई थी। वे कैंब्रिज यूनिवर्सिटी में सैद्धांतिक ब्रह्मांड विज्ञान के निदेशक थे। हॉकिंग की गिनती आइन्सटाइन  के बाद सबसे बड़े भौतिकशास्त्री के तौर पर होती है। 21 साल की उम्र में स्टीफन को लाइलाज बीमारी हो गई थी। वे कैंब्रिज यूनिवर्सिटी में सैद्धांतिक ब्रह्मांड कंप्यूटर और विभिन्न गैजेट्स के जरिए वे अपने विचार व्यक्त करते थे। ब्लैक होल और बिग बैंग थ्योरी को समझने में उन्होंने अहम योगदान दिया है।

Thursday, 8 March 2018

Aryabhatt Science Club Ranka Jharkhand felicitated in VIPNET felicitation programme 2018 at NCERT

Aryabhatt Science


आर्यभट्ट विज्ञान क्लब ,रंका NCERT  , नई दिल्ली में विज्ञान प्रसार ,विज्ञान एवम प्रौद्योगिकी विभाग द्वारा सम्मानित।
  कार्यक्रम का यह वीडियो जरूर देखें एवम गर्व महसूस करे।

राष्ट्रीय विज्ञान दिवस के अवसर पर एनसीइआरटी , नई दिल्ली में विज्ञान प्रसार ,विज्ञान एवम प्रौद्योगिकी विभाग,भारत सरकार द्वारा आयोजित भारत के विज्ञान क्लब के सम्मान के लिए आयोजित सम्मान समारोह में आर्यभट्ट विज्ञान क्लब रंका के अध्यक्ष आलोक कुमार चौधरी को उनके विज्ञान क्लब के लिए  गोल्ड केटेगरी से सम्मानित किया गया। क्लब को यह सम्मान 2012 से विज्ञान के क्षेत्र में विशेष कार्य एवं जागरूकता के लिए दिया गया।आलोक ने बताया कि देश के कुल 61 विज्ञानं क्लब को ब्रॉन्ज़ ,सिल्वर,गोल्ड,प्लैटिनम से सम्मानित किया गया। मौके पर विज्ञानं प्रसार के वैज्ञानिक श्री अरविन्द रानाडे,किंकिनि दासगुप्ता मिश्र,कपिल के त्रिपाठी,और एनसीईआरटी के विशेषज्ञ मौजूद थे।सम्मान लेकर लौटे आलोक ने इसका श्रेय विज्ञान क्लब के शिक्षक एवं पदाधिकारी अजीत कुमार  पांडेय,मोहित,अविनाश,अनिश,रविरंजन,सौरभ को दिया है।






कार्यक्रम का वीडियो 👉          

           


Write by अलोक