आर्यभट्ट विज्ञान क्लब एक फिर सम्मानित

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आर्यभट्ट विज्ञान क्लब एक फिर सम्मानित



विज्ञान प्रसार , विज्ञान एवम प्रौद्योगिकी विभाग, भारत सरकार द्वारा 12 और 13 अगस्त को दर्शन इंस्टिट्यूट ऑफ़ इंजीनियरिंग एन्ड टेक्नोलॉजी, राजकोट में आयोजित अखिल भारतीय वार्षिक सम्मान समारोह में विज्ञान क्लब के उम्दा गतिविधियों के आधार पर 2019 में पुनः गोल्ड केटेगरी सम्मान से प्रधान वैज्ञानिक डॉ अरविन्द रानाडे और नवोदय विद्यालय संगठन के जॉइंट सेक्रेटरी डॉ रामचंद्रन द्वारा सम्मानित किया गया।वहीं पर आयोजित पोस्टर प्रेजेंटेशन प्रतिस्पर्धा में भी झारखण्ड में क्लब के समन्वयक आलोक चौधरी को प्रथम स्थान प्राप्त हुआ। इस खबर से विज्ञान क्लब के सभी सदस्यों में काफी खुशी है। मौके पर क्लब के वरीय पदाधिकारी सतीश कु पांडेय, अजित कु पांडेय, रामानुज कुमार आदि ने ख़ुशी व्यक्त की है।

105 Indian Science Congress 2018 by PM Modi


           105वीं  भारतीय विज्ञानकांग्रेस का उद्घाटन करेंगे प्रधानमंत्री मोदी

                        

भारतीय विज्ञान कांग्रेस दुनिया भर के विज्ञान से जुड़े वैज्ञानिकों और विज्ञान संचारकों  का समारोह है।इस बार मणिपुर विश्वविद्यालय इसका आयोजन कर रहा है। विज्ञान कांग्रेस 16 मार्च से 20 मार्च तक होगा।भारतीय विज्ञान कांग्रेस की  थीम इस बार 'Reaching the Unreached Through Science & Technology' है।



क्या है कार्यक्रम?

विज्ञान कांग्रेस के पहले दिन प्रधानमंत्री मोदी भारतीय  विज्ञान कांग्रेस का उद्घाटन करेंगे। दूसरे दिन, 17 मार्च को राष्ट्रीय बाल विज्ञान कांग्रेस शुरू होगी।महिला विज्ञान कांग्रेस का उद्घाटन 18 मार्च को होगा।19 मार्च को विज्ञान माडल प्रतियोगिता होगी और 20 मार्च को विज्ञान कांग्रेस का समापन होगा।

भारतीय विज्ञान कांग्रेस 2018 मे भौतिकी,रसायन, अर्थशास्त्र के क्षेत्र के नोबेल पुरस्कार विजेता ,विज्ञान और इंजीनियरिंग संस्थान,सभी बड़े रिसर्च सेंटर,भारत और विभिन्न देशों के साझा विज्ञान कार्यक्रम,इसके साथ ही   विभिन्न मुद्दों पर विशेष सत्र आयोजित किए जाएंगे, जिनमें विज्ञान इनोवेशन, जल, स्वच्छता, जलवायु परिवर्तन, सभी के लिए भोजन, अंतरिक्ष प्रौद्योगिकी, वनों से संबंधित प्रौद्योगिकी, डिजिटल संचार और अंतरिक्ष विज्ञान शामिल हैं।


भारतीय विज्ञान कांग्रेस के पहले अध्यक्ष थे आशुतोष मुखर्जी।आशुतोष मुखर्जी ने जनवरी 1914 में अपने अध्यक्षीय भाषण में भाविकांसं जैसी संस्था बनाने के उद्देश्य के बारे में जिक्र किया था। उनके अध्यक्षीय भाषण का शीर्षक ही था‘भारतीय कांग्रेस के बारे में’। उन्होंने कहा था विकास को वैज्ञानिक जांच-परख की दिशा में मज़बूत कदम बढ़ाने, देश के विभिन्न भागों में विज्ञान में रुचि रखने वाले समाजों और व्यक्तियों में साहचर्य को प्रोत्साहित करने, विशुद्ध और अनुप्रयुक्त विज्ञान के उद्देश्यों के प्रति और अधिक आम झुकाव तथा आम जन की प्रगति की बाधाओं को दूर करने के लिए’ बनाया गया था।
105 साल के इतिहास में ऐसा पहली बार हुआ है की भारतीय विज्ञान कांग्रेस को अनिश्चितकाल के लिए स्थगित कर दिया गया है। ओस्मानिया यूनिवर्सिटी के अधिकारियों ने कैंपस में सुरक्षा कारणों से इसकी देख-रेख करने में असमर्थता दिखाई गई है। भारतीय विज्ञान कांग्रेस का आयोजन तीन जनवरी, 2018 से सात जनवरी, 2018 के बीच होना था।








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