Saturday, 18 August 2018

Kerala Flood Relief:Help to Indian if You are Indian

Aryabhatt Science

Help Kerala at the time of there Need -Kerala Flood Relief 
                  

दोस्तों अब आपको क्या बताना की बढ़ जैसे प्राकृतिक आपदा कैसे लोगो की जिंदगी बर्बाद कर सकते है।आप जानते ही है कि भारत माता की एक हिस्सा इसी दर्द से अभी जूझ रही है।केरल में बाढ़ से लोगो का जीना दूभर हो गया है, वही उन्हें खाने को कुछ मिलना तो दूर पिने को एक बूंद अच्छी पानी नही मिल पा रही है।ऐसे में अगर एक भारतीय दूसरे भारतीय की मदद नही करेगा तो क्या पड़ोसी देश पाकिस्तान करेगा??एक भारतीय से भी पहले हम एक मानव है , इसी के वास्ते उन्हें सामान्य जीवनधारा में लाने के लिए ही सही , कुछ न हो तो 1 रुपये ही सही पर जरूर दान करे।

आप नीचे दिए विधियों से यथा शक्ति पैसे भेजकर एक भारतीय होने का फर्ज निभा सकते है-

1.By UPI (Tez,Bhim,Phone pe, Freecharge,UPi section at Airtel money,Mobikwik etc.)


2.Keral Govt Website (Net banking etc.)


3.By Paytm (By direct link)-

4.By Account (Account no. Of Chief Minister of Kerala, by Bank Challan)
Name of the donee: Chief Minister’s Distress Relief Funds
Account Number: 67319948232
Bank: State Bank of India
Branch-Thiruvananthapuram
IFSC: SBIN0070028
PAN: AAAGD0584M
Account type: Savings
SWIFT Code: SBININBBT08

5.Mobikwik

6.For Amazon -

7.By Google

8.Airtel Money or airtel Company


9.By Millap -Click here
10 .By Ketto-Click here
11.B y Goonj-Click here
12.By oxam India-Click here


यह वीडियो जरूर देखें-









किसी भी असुविधा की स्थिति में नीचे दिए गए कमेंट सेक्शन से सवाल पूछ सकते है।


Tuesday, 7 August 2018

मुफ्त में भाग लेकर सीखे गुजरात के विशेषज्ञ से मैथ के नए तकनीक और पाये प्रमाण पत्र और मैडल

Aryabhatt Science
झारखण्ड में पहली बार गुजरात के विशेषज्ञ द्वारा Math Skill Development Programme ,9 अगस्त को 

आर्यभट्ट विज्ञान क्लब, रंका और ऑल इंडियन रामानुजन मैथ क्लब , गुजरात वर्तमान में अपने राज्य तथा देश में महत्वपूर्ण विज्ञान संचार में अहम भूमिका निभा रहे है, साथ दोनों 28 फरवरी 2018 को gold Category  से सम्मानित किया जा चुके है।

दोनों के सामान विचारधारा एवम विज्ञान के क्षेत्र में छात्रों के विकाश हेतु दोनों के सामान प्रयास से 9 अगस्त 2018 को Math Skill Development कार्यक्रम का आयोजन किया जा रहा है,जो पूर्णतः निशुल्क है,और कोई भी भाग ले सकता है।पहली बार ऐसा कार्यक्रम रंका (गढ़वा )में साथ ही निःशुल्क किया जा रहा है।

स्थान -R.K.+2 High school,Ranka
दिनांक- 9 अगस्त 2018 (10बजे)

शुल्क- निःशुल्क
प्रतिभागिता से लाभ-  1.इस कार्यक्रम में प्रवेश निशुल्क है, सिर्फ मुफ्त नामांकन जरुरी है।
                             2.इस कार्यक्रम के लिए देश के गणित के बहुत बड़े संगठनAll India                                     Ramanujan Maths Club,Gujrat के चेयरमैन स्वयं रंका                                         (गढ़वा),आ रहे है। 
                         3. सभी प्रतिभागी को प्रतिभागिता प्रमाण पत्र प्रदानकिया जायेगा।
                         4. अच्छे छात्रों के प्रदर्शन के आधार पर मैडल से सम्मानित किया जा रहा है।
                        5. यह कार्यक्रम गणित अध्यनन में रूचि बढ़ देगी और गणित जो की बोझिल                                विषय लगता है उससे डर नही लगेगा।
                         6.गणित के नए तकनीक भी छात्रों को बताया जायेगा
कैसे ले भाग कार्यक्रम में - कार्यक्रम में भाग लेने के लिए पूर्व सुचना जरूरी है, ताकि प्रतिभागी के नाम पर प्रमाण पत्र प्रदान किया जा सके,और कार्यक्रम के लिए सीट की संख्या सिमित 100 है।पहले आओ पहले पाओ किंनीति अपनाई जायेगी।कार्यक्रम में भाग लेने के लिए नीचे दिए गए फ़ोन अथवा ईमेल पर कांटेक्ट करे।

संपर्क सूत्र-  Alok Kumar Chaudhary {Coordinator,  8292199770,                                                                              helloalokjee@gmail.com}
किसी असुविधा की स्थिति में निम्न नंबर काम आ सकते है-

               Ajit Kumar Pandey {Superior President 7209789805}
                Mohit Chaudhary {!Treasure,  7361851268}
              Anish Kr Gupta    {Resource officer,+917903869794)
              Avinash Kumar.  {Planning ,+917079702282}
             Sourabh Mishra.   {Vice president,+919117873814}
             Raviranjan Kumar {Vice President,9507292654)}




Monday, 2 April 2018

Need Support for Science Popularisation

Aryabhatt Science
                                      Need Support for Science Popularisation
 Aryabhatt Science Club Ranka Jharkhand is a very active Science Club in India due to it get gold category award for Science Popularisation at NCERT ,New Delhi.It got Best position in Jharkhand. 

Work done by Aryabhatt Science Club ,Ranka 

1.Make a scientific environment
2.Introduce student to Science by fun
3.  Work to remove bad faith from society , like miracle
4.Works to save natural resources  ,like save water, save trees, save earth, save ozone
5.Organisre different railly, lecture, competition and more and more 
6.Popularise Science through making short film


Support us to introduce people to science for remove blind faith  (Super station)


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Alok Kumar Chaudhary
President
Aryabhatt Science Club , Ranka (Jharkhand).
(A gold categorise Science Club, VP , Department of Science and Technology , Govt of India, VP-JH0009)




















Saturday, 24 March 2018

Are you in problem due to high cost of medicine -Use effective generic medicine ..wnow more about it

Aryabhatt Science
जेनेरिक दवाइयां क्या है??

➡सामान्य दवा या जेनेरिक दवा (generic drug) वह दवा है जो बिना किसी पेटेंट के बनायी और वितरित की जाती है। जेनेरिक दवा के फॉर्मुलेशन पर पेटेंट हो सकता है किन्तु उसके सक्रिय घटक (active ingradient) पर पेटेंट नहीं होता। जैनरिक दवाईयां गुणवत्ता में किसी भी प्रकार के ब्राण्डेड दवाईयों से कम नहीं होतीं तथा ये उतनी ही असरकारक है, जितनी की ब्राण्डेड दवाईयाँ। यहाँ तक कि उनकी मात्रा (डोज), साइड-इफेक्ट, सक्रिय तत्व आदि सभी ब्रांडेड दवाओं के जैसे ही होते हैं। जैनरिक दवाईयों को बाजार में उतारने का लाईसेंस मिलने से पहले गुणवत्ता मानकों की सभी सख्त प्रक्रियाओं से गुजरना होता है।



➡किसी रोग विशेष की चिकित्सा के लिए तमाम शोधों के बाद एक रासायनिक तत्‍व/यौगिक विशेष दवा के रूप में देने की संस्तुति की जाती है। इस तत्‍व को अलग-अलग कम्पनियाँ अलग-अलग नामों बेचतीं है। जैनरिक दवाईयों का नाम उस औषधि में उपस्थित सक्रिय घटक के नाम के आधार पर एक विशेषज्ञ समिति द्वारा निर्धारित किया जाता है। किसी दवा का जेनेरिक नाम पूरे विश्व में एक ही होता है।

➡उदाहरण के लिए, उच्छ्रायी दुष्क्रिया (शिश्न को खड़ा न कर पाना / erectile dysfunction) की चिकित्सा के लिए सिल्डेन्फिल (sildenafil) नाम की जेनेरिक दवा है। यही दवा फिजर (Pfizer) नामक कम्पनी वियाग्रा (Viagra) नाम से बेचती है।

➡किसी भी बीमारी के लिए डॉक्टर जो दवा लिखता है, ठीक उसी दवा के सॉल्ट वाली जेनेरिक दवाएं उससे काफी कम कीमत पर आपको मिल सकती हैं। कीमत का यह अंतर पांच से दस गुना तक हो सकता है। बात सिर्फ आपके जागरूक होने की है। बहुत कम लोगों को मालूम होगा कि देश में लगभग सभी नामी दवा कम्पनियां ब्रांडेड के साथ-साथ कम कीमत वाली जेनेरिक दवाएं भी बनाती हैं लेकिन ज्यादा लाभ के चक्कर में डॉक्टर और कंपनियां लोगों को इस बारे में कुछ बताते नहीं हैं और जानकारी के अभाव में गरीब भी केमिस्ट से महंगी दवाएं खरीदने को विवश हैं।

➡गौरतलब है कि किसी एक बीमारी के लिए तमाम शोधों के बाद एक रासायनिक यौगिक को विशेष दवा के रूप में देने की संस्तुति की जाती है। इस यौगिक को अलग-अलग कम्पनियां अलग-अलग नामों से बेचती हैं। जेनेरिक दवाइयों का नाम उसमें उपस्थित सक्रिय यौगिक के नाम के आधार पर एक विशेषज्ञ समिति निर्धारित करती है। किसी भी दवा का जेनेरिक नाम पूरे विश्व में एक ही होता है।

जेनेरिक दवाओं की फायदे

जैनरिक दवाईयां ब्राण्डेड दवाईयों की तुलना में औसतन पाँच गुना सस्ती होती है। जैनरिक दवाईयों की उपलब्धता आम व्यक्ति को स्वास्थ्य सुरक्षा प्रदान करने में बहुत बड़ा योगदान प्रदान कर सकती है तथा इससे ब्राण्डेड कम्पनियों का दवा उद्योग में एकाधिकार को चुनौती मिलेगी। विश्व स्वास्थ्य संगठन के अनुसार जैनरिक दवाईयों के लिखे जाने पर केवल धनी देशों में चिकित्सा व्यय पर 70 प्रतिशत तक कमी आ जायेगी तथा गरीब देशों के चिकित्सा व्यय में यह कमी और भी ज्यादा होगी।


➡जेनेरिक दवाएं उत्पादक से सीधे रिटेलर तक पहुंचती हैं। इन दवाओं के प्रचार-प्रसार पर कंपनियों को कुछ खर्च नहीं करना पड़ता। एक ही कंपनी की पेटेंट और जेनेरिक दवाओं के मूल्य में काफी अंतर होता है। चूंकि जेनेरिक दवाओं के मूल्य निर्धारण पर सरकारी अंकुश होता है, अत: वे सस्ती होती हैं, जबकि पेटेंट दवाओं की कीमत कंपनियां खुद तय करती हैं, इसलिए वे महंगी होती हैं।


➡उदाहरण के लिए यदि चिकित्सक ने रक्त कैंसर के किसी रोगी के लिए ‘ग्लाईकेव‘ ब्राण्ड की दवा लिखी है तो महीने भर के कोर्स की कीमत 1,14,400 रूपये होगी, जबकि उसी दवा के दूसरे ब्राण्ड ‘वीनेट‘ की महीने भर के कोर्स की कीमत अपेक्षाकृत काफी कम 11,400 रूपये होगी। सिप्ला इस दवा के समकक्ष जैनरिक दवा ‘इमीटिब‘ 8,000 रूपये में और ग्लेनमार्क केवल 5,720जेनेरिक दवाओं का उपयोग करने के क्या फायदे हैं


➡सबसे बड़ा फायदा कीमत है ब्रांड-नाम वाली दवाओं की लागत से 90 प्रतिशत बचा सकते हैं जेनरिक ब्रांड-नाम वाली दवाओं से औसत 40 से 60 प्रतिशत कम है।


➡ यह एक निश्चित आय पर पुराने वयस्कों जो कई दवाएं लेता है के लिए एक वास्तविक लाभ है अपने चिकित्सक या फार्मासिस्ट से पूछें कि यदि आपके जेनेरिक दवाओं का उपयोग संभव है। 


➡जब भी संभव हो, जेनेरिक दवाओं का उपयोग करके, आप अपनी दवाओं के दाम कम कर सकते हैं। आपको एक ही ताकत, खुराक और गुणवत्ता भी मिल जाता है।
सबसे बड़ा फायदा कीमत है ब्रांड-नाम वाली दवाओं की लागत से 90 प्रतिशत बचा सकते हैं जेनरिक ब्रांड-नाम वाली दवाओं से औसत 40 से 60 प्रतिशत कम है।

➡ यह एक निश्चित आय पर पुराने वयस्कों जो कई दवाएं लेता है के लिए एक वास्तविक लाभ है अपने चिकित्सक या फार्मासिस्ट से पूछें कि यदि आपके जेनेरिक दवाओं का उपयोग संभव है।

➡जब भी संभव हो, जेनेरिक दवाओं का उपयोग करके, आप अपनी दवाओं के दाम कम कर सकते हैं। आपको एक ही ताकत, खुराक और गुणवत्ता भी मिलेगी।

प्रमुख जेनेरिक दवाएं
सीटीजेड,
पाईरेस्टेट-100,
मेरिसुलाइड,
ओमेसेक-20,
ओमिप्राजोल,
लिगनोकेन,
बूपीवेक्सीन,
एसीटिल सालिसाइकिल एसिड डिक्लोफेनेक,
इबूप्रोफेन,
परासीटामोल,
क्लोरोक्वीन,
एमलोडिपिन,
एटीनोलेल,
लोजारटन,
मेटफोरमिन,
प्रोगेस्टीरोन


Megamentin 625 is Generic Medicine of Antibiotic Amoxicillin 500mg + Potassium Caluvnate 125mg

जेनेरिक दवाएं एवम ब्रांड दवाओं में क्या अंतर है??

दवाओं के सामान्य नाम और ब्रांड नाम हैं उदाहरण के                           लिए,प्रिलोसेक। का सामान्य नाम ओपेराज़ोल है।

➡ प्रिलोसेक ने दवा बेचने के लिए विशेष अधिकारों का स्वामित्व किया क्योंकि उन्होंने इसे बनाया और पेटेंट किया था एक बार उनकी पेटेंट समाप्त हो जाने के बाद, अन्य निर्माता प्रिलोसेक बना और बेच सकते हैं उन्हें सिर्फ सामान्य नाम ओपेराज़ोल से करना पड़ता है।

➡ इसके अलावा, यह उत्पाद रंग, आकृति, या चिह्नों में थोड़ा भिन्न हो सकता है सबसे बड़ा अंतर लागत है जेनेरिक दवाएं आम तौर पर कम खर्चीली होती हैं


जेनेरिक दवाओं का निर्माण कौन करता है??

➡जेनेरिक दवाएं अक्सर उन कंपनियों द्वारा निर्मित होती हैं जो ब्रांड नाम वाली दवाएं भी बनाती हैं। 

➡एफडीए सभी दवा निर्माताओं और यू.एस. में बिकने वाली सभी दवाओं का विनियमन और निरीक्षण करता है।

➡ वे उन्हें सुधार करने के लिए फिर से भेज देंगे। वे एक ही मानक के लिए जेनेरिक दवाओं की जांच करते हैं।

प्रधानमंत्री जन औषधि परियोजना क्या है??
➡‪प्रधानमंत्री जन औषधि योजना भारत के प्रधानमंत्री ‪नरेन्द्र मोदी‬ द्वारा ‬ 1 जुलाई 2015 को घोषित एक योजना है। इस योजना में सरकार द्वारा उच्च गुणमवत्ता वाली जैनरिक (Generic) दवाईयों के दाम बाजार मूल्य से कम किए जा रहें है। सरकार द्वारा 'जन औषधि स्टोर' बनाए गए हैं, जहां जेनरिक दवाईयां उपलब्ध करवाई जा रही है।

➡जेनरिक दवाईयां ब्रांडेड या फार्मा की दवाईयों के मुकाबले सस्ती होती है, जबकि प्रभावशाली उनके बराबर ही होती है। प्रधानमंत्री जन औषधि अभियान मूलत: जनता को जागरूक करने के लिए शुरू किया गया हैं ताकि जनता समझ सके कि ब्रांडेड मेडिसिन की तुलना में जेनेरिक मेडिसिन कम मूल्य पर उपलब्ध हैं साथ ही इसकी क्वालिटी में किसी तरह की कमी नहीं हैं। साथ ही यह जेनेरिक दवायें मार्केट में मौजूद हैं जिन्हें आसानी से प्राप्त किया जा सकता हैं।

➡इस योजना में आम नागरिकों को बाजार से 60 से 70 फीसदी कम कीमत पर दवाइयां मुहैया कराने के उद्देश्य से केंद्र सरकार जल्द ही देशभर में 1000 से ज्यादा जन औषधि केंद्र खोलेगी।