Tuesday, 15 January 2019

डीडी साइंस एवम इंडिया साइंस नामक दो विज्ञान चैनल किया गया लांच

dd science -dd science channel-science keywords class 8 - india science-india science website-india science channel-science india portal-www india science wire-india science wire vigyan prasar-india science vigyan prasar-india science launched by vigyan prasar-india science technology and innovation portal


डीडी साइंस एवम इंडिया साइंस नामक 
दो विज्ञान चैनल किया गया लांच 










डीडी वन , डीडी न्यूज़ का तो आपने सुना
 ही होगा पर भारत सरकार ने भारत के 
वैज्ञानिकोंविज्ञान संचारकों,
 शोधार्थियों,आविष्कारकों आदि को नये 
वर्ष में एक नया तोहफा फिया है।
वह है जिस तरह भारत में कृषि
 के लिए डीडी किसान है, न्यूज़ के लिए
 डीडी न्यूज़ है
 ,उसी प्रकार दो नए विज्ञान
 चैनल भी लांच किये गये है।
वह दो चैनल है डीडी साइंस एवम
 इंडिया साइंस ।
जहां डीडी साइंस का प्रसारण सोमवार 
से शनिवार  दूरदर्शन पर शाम 5 से छः 
बजे तक एक घंटे के लिए 
किया जायेगा।वही इंडिया साइंस 
का लुत्फ विज्ञान 
संचारक कभी भी उठा सकते है 
क्यो यह इन्टरनेट आधारित ओटीटी 
चैनेल है (यूट्यूब के प्रकार का),
जिसे  इन्टरनेट सक्षम डिवाइस
 में कभी भी ,कहीं भी देख कर ज्ञान 
अर्जन किया जा सकता है। इस पर
 सीधा प्रसारण के अलावा संबंधित 
वीडियो को निर्धारित प्ले 
निर्धारित आवश्यकता पर कभी भी
 देखा जा सकता है।
इस परियोजना का सुभारम्भ भारत 
के विज्ञान एवम प्रौद्योगिकी मंत्री  डॉ 
हर्षवर्धन ने करते हुए 
बोला की भारत  और भारत के 
वैज्ञानिकों ने बहुत कुछ नावचार किया है
जिसकी सूची काफी
 लंबी है , लोग इस चैनल के माध्यम से 
यह जानने कोसक्षम होंगे और इससे 
वैज्ञानिक दृष्टिकोण 
को बढ़ावा मिलेगा। इसका सुभारम्भ 
विज्ञानं, प्रौद्योगिकी एवम पर्यावरण मंत्री
 के देख रेख में विज्ञानं
 एवम प्रौद्योगिकी मंत्रालय के 
अंदर स्वायतशाली संस्था 
विज्ञानं प्रसार एवम दूरदर्शन के 
महानिदेशक सुप्रिया साहू ने समझौतों                              पर हस्ताक्षर 
किये।इसका कियान्वयन विज्ञान प्रसार
एव प्रसारण के जिम्मा दूरदर्शन की होगी।

विज्ञानं चैनल के विभिन्न फायदे
  1. इससे दूरदर्शन से जुड़े तीन करोड़ परिवारों तक
  2.  विज्ञान का संचार करने में मदद मिलेगी,
  3. विज्ञान सम्बधी कार्यकर्मो के प्रसारण में  मदद मिलेगी।
  4. विज्ञान के क्षेत्र में एक नया आयाम जुड़ गया है।
  5. विज्ञानं लोकप्रियकरण का ससक्त माध्यम होगा।
  6. वैज्ञानिक जागरूकता बढ़ेगी।
  7. विज्ञानं आधारित विषयवस्तु ,सामग्री ,वीडियो               
  ,लेख,आदि जा विकास होगा।
  1. जनसमान्य के भाषा में लोगो तक विज्ञान पहुंचाया जा सकेगा
  2.  

कार्यक्रम में कौन कौन थे सम्मिलित-

इस उद्घाटन कार्यक्रम में  विज्ञान एवं
प्रौद्योगिकी मंत्री डॉ हर्षवर्धन,
प्रसार भारती के सीईओ 
शशी शेखर वैंपति ,सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय
 के सचिव अमित खरे, विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी
 विभाग के सचिव डॉ आशुतोष शर्मा, प्रसार
विज्ञान प्रसार के निदेशक
डॉ नकुल पराशर दूरदर्शन के महानिदेशक
 सुप्रिया साहू।हालाँकि इसके विकास में विज्ञानं
 प्रसार के
 वैज्ञानिक एवम इसके टीम जैसे वैज्ञानिक
 कपिल के त्रिपाठी,डॉ अरविन्द रानाडे आदि का
महत्वपूर्ण योगदान है।और प्रसारण के मुख्य
 भूमिका दूरदर्शन टीम के भूमिका रही है।

डीडी साइंस एवम इंडिया साइंस
नामक दो विज्ञान चैनल किया गया लांच 


विज्ञान वीडियो के प्रकार

इस चैनल पर कई तरह के विडीओ है जिसे मुख्यतः निम्न भागो में बांटा गया है

लेटेस्ट इन साइंस

पॉपुलर साइंस 
 विद्यार्थियों के लिए विज्ञान

 गांव के लिए विज्ञान
 महिलाओं के लिए विज्ञान
 साइंस न्यूज़
 राउंड अप एग्रीकल्चर एंड डेहरी फार्मिंग
 कंप्यूटर इंटरनेट
 इंजीनियरिंग
 एनवायरमेंट और
 एनर्जी
 हैंडसम एक्सपेरिमेंट 
हेल्थ एंड मेडिसिन 
आविष्कार
 गणित
 विज्ञान एवं समाज 
स्पेस और
 स्कूलों में एस्ट्रोनॉम

इंडिया साइंस चैनल पर मौजूद कुछ 
महत्वपूर्ण वीडियो
इस चैनल पर -

  • पैकेज दूध का उत्पादन कैसे  होता है?
  • सत्येन्द्रनाथ बोस महान वैज्ञानिक
  • वैज्ञानिको की जीवनियां
  • आओ योग करें
  • श्रीनिवास रामानुजन 
  • भारतीय वास्तुकला
  •  खेल विज्ञान के
  • खेल खेल में विज्ञान
  • भारत और सुचना क्रांती 
  • विज्ञानं में भारतीय महिला 
  • ज्ञान विज्ञान
  • जल प्रबंधन
  • किसान और विज्ञान
  • स्लीप वॉकर -यूटिलिटी इनोवेशन
  • आपदा प्रबंधन
  • एयरक्राफ्ट मेंटेनेंस
  • भारतीय खगोल विज्ञानी
  • उभरती प्रौद्योगिकी 
  • जहरीली वायुं
  • केमेस्ट्री एक्सपेरिमेंट


Aryabhatt Science

Author & Editor

For Science communication

2 comments:

  1. Useful and valuable for everyone.All credit goes to vigyan prasar specially Mr. Arvind C Ranaday and dr. Kapil Tripathi sir. Thank you

    ReplyDelete
  2. Yes ...and great contribution for Science

    ReplyDelete