Awareness program on rapid growing population

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*बढ़ती जनसंख्या के प्रति जागरूकता कार्यक्रम*

 आर्यभट्टविज्ञान क्लब ,रंका के बैनर तले जनसंख्या दिवस(11 जुलाई) के अवसर पर एक जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन क्लब द्वारा राजकीय कन्या मध्य विद्यालय में किया किया गया, जिसमे  शिक्षक , गणमान्य और छात्र -छात्राओं ने बढ़- चढ़कर हिस्सा लिया।क्लब के अध्यक्ष अजित कु. पांडेय और प्रधानाध्यापिका पिंकी कुमारी ने कार्यक्रम का उद्देश्य और लोगो पर इसका प्रभाव  के बारे में विचार रखा। विद्यार्थियों को जनसंख्या से संबंधी वीडियो दिखाकर विषय को रुचिकर दृष्टि से रखा गया।क्लब के समन्वयक आलोक चौधरी ने बताया कि क्लब के गतिविधियों के कारण विज्ञान प्रसार, विज्ञान और प्रौद्योगिकी विभाग, भारत सरकार ने पत्र भेजकर क्लब को सम्मानित करने के लिए अगस्त में राजकोट में आमंत्रित किया है।मौके पर मौजूद शिक्षिका शोभा कुमारी साधना कुमारी ने बढ़ती जनसंख्या की समस्या के मूल और क्षितिज कंप्यूटर के रामानुज कुमार,अविनाश कुमार ने इसके निदान पर अपने विचार रखे।









आइंस्टीन विश्व विज्ञान जगत में सदा अमर रहेंगे : डॉ. प्रदीप


आइंस्टीन विश्व विज्ञान जगत में सदा अमर रहेंगे : डॉ. प्रदीप



देवघर (------------------------------------------) : स्थानीय साइंस एंड मैथमेटिक्स डेवलपमेंट आर्गेनाईजेशन के बैनर तले विश्व के महान वैज्ञानिक अल्बर्ट आइंस्टीन की 140 वीं जयंती मनाई गई । मौके पर साइंस आर्गेनाईजेशन के राष्ट्रीय सचिव डॉ. प्रदीप कुमार सिंह देव ने कहा- अल्बर्ट आइंस्टीन का जन्म 14 मार्च, 1879 को हुआ था । वे एक विश्वप्रसिद्ध सैद्धांतिक भौतिकविद् थे जो सापेक्षता के सिद्धांत और द्रव्यमान-ऊर्जा समीकरण के लिए जाने जाते हैं। उन्हें सैद्धांतिक भौतिकी, खासकर प्रकाश-विद्युत ऊत्सर्जन की खोज के लिए 1921 में नोबेल पुरस्कार प्रदान किया गया।उन्होंने सामान्य आपेक्षिकता और सामान्य आपेक्षिकता के सिद्धांत सहित ब्रह्मांड, केशिकीय गति, क्रांतिक उपच्छाया, सांख्यिक मैकेनिक्स की समस्याऍ, अणुओं का ब्राउनियन गति, अणुओं की उत्परिवर्त्तन संभाव्यता, एक अणु वाले गैस का क्वांटम सिद्धांत, कम विकिरण घनत्व वाले प्रकाश के ऊष्मीय गुण, विकिरण के सिद्धांत, एकीकृत क्षेत्र सिद्धांत और भौतिकी का ज्यामितीकरण दुनिया को दिया है । आइंस्टीन ने पचास से अधिक शोध-पत्र और विज्ञान से अलग किताबें लिखीं।



आइंस्टीन ने 300 से अधिक वैज्ञानिक शोध-पत्रों का प्रकाशन किया। 5 दिसंबर 2014 को विश्वविद्यालयों और अभिलेखागारो ने आइंस्टीन के 30,000 से अधिक अद्वितीय दस्तावेज एवं पत्र की प्रदर्शन की घोषणा की हैं। आइंस्टीन के बौद्धिक उपलब्धियों और अपूर्वता ने "आइंस्टीन" शब्द को "बुद्धिमान" का पर्याय बना दिया है। अपने पूरे जीवनकाल में, आइंस्टीन ने सैकड़ों किताबें और लेख प्रकाशित किये। उन्होंने 300 से अधिक वैज्ञानिक और 150 गैर-वैज्ञानिक शोध-पत्र प्रकाशित किये।
उन्होंने सापेक्षता के सिद्धांत को व्यक्त किया। जो कि हरमन मिन्कोव्स्की के अनुसार अंतरिक्ष से अंतरिक्ष-समय के बीच बारी-बारी से परिवर्तनहीनता के सामान्यीकरण के लिए जाना जाता है। अन्य सिद्धांत जो आइंस्टीन द्वारा बनाये गए और बाद में सही साबित हुए, बाद में समानता के सिद्धांत और क्वांटम संख्या के समोष्ण सामान्यीकरण के सिद्धांत शामिल थे। मौके पर डाक द्वारा आयोजित निबन्ध प्रतियोगिता के विजयी प्रतिभागियों के नाम की घोषणा की गई ।

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